1 of 5 सुनने में समस्या का शरीर पर पड़ता है असर - फोटो : Amarujala.com/AI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें मंगलवार (23 जून 2026) को आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में देश में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए 5 पद्म विभूषण और 13 पद्म भूषण सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम का मंच सजा हुआ था। पद्म भूषण सम्मान के लिए जानी-मानी गायिका अलका याग्निक का नाम पुकारा गया। पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, लेकिन इस सम्मान समारोह में लोगों की नजर सिर्फ पुरस्कार पर नहीं, बल्कि उस व्हीलचेयर पर भी टिक गई जिस पर बैठकर अलका याग्निक कार्यक्रम के बाद बाहर जाती दिखीं। लाखों लोगों के मन में एक सवाल उठा क्या उनकी पुरानी सुनने की बीमारी अब उनके चलने-फिरने और शरीर के संतुलन को भी प्रभावित कर रही है? अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने जून 2024 में जानकारी दी थी कि मशहूर गायिका सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस नाम की समस्या से जूझ रही हैं। यह ऐसी स्थिति है जिसमें कान के अंदर मौजूद सुनने वाली नाजुक नसें क्षतिग्रस्त हो जाती है। मेडिकल रिपोर्ट्स बताते हैं कि कान केवल सुनने का अंग नहीं है। कान के भीतरी हिस्से में एक बेहद जटिल वेस्टिब्युलर सिस्टम भी होता है, जो शरीर को यह बताता है कि हम खड़े हैं, बैठे हैं, झुक रहे हैं या चल रहे हैं। यही प्रणाली हमारी आंखों, मांसपेशियों और मस्तिष्क के साथ मिलकर शरीर का संतुलन बनाए रखती है। तो क्या अलका याग्निक को भी कान की समस्या के कारण शरीर के संतुलन में दिक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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