सांसद संजय सिंह ने SIT को सौंपे थे 11 दस्तावेज आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को एसआईटी से मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी 11 दस्तावेज सौंपे। दावा किया कि इन जमीनों की बिक्री व खरीदारी में करोड़ों रुपये का हेरफेर व घोटाला किया गया। एसआईटी अब दस्तावेजों की तस्दीकर जांच शुरू की है। सांसद ने आरोप लगाया है कि मंदिर के लिए कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जिससे चंदे की रकम को भारी नुकसान पहुंचाया गया। एसआईटी अध्यक्ष व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और सदस्य नील रतन से मिलकर संजय सिंह ने कहा है कि जिन लोगों के नाम हाल ही में मंदिर के चढ़ावे और दानपात्र में अनियमितताओं के मामले में सामने आए हैं, उन्हीं लोगों की भूमिका जमीन खरीद के विवादित सौदों में भी दिखाई दे रही है। उन्होंने दस्तावेज देने के साथ मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की मांग की। 2 करोड़ की जमीन कुछ ही मिनटों में 18.5 करोड़ की संजय सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार 18 मार्च 2021 को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी। आरोप है कि उसी दिन कुछ ही देर बाद यही जमीन ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेच दी गई। सांसद का दावा है कि इस एक सौदे में करीब 16.5 करोड़ रुपये का अंतर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बैनामे के गवाह तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
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सांसद संजय सिंह ने SIT को सौंपे थे 11 दस्तावेज आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को एसआईटी से मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी 11 दस्तावेज सौंपे। दावा किया कि इन जमीनों की बिक्री व खरीदारी में करोड़ों रुपये का हेरफेर व घोटाला किया गया। एसआईटी अब दस्तावेजों की तस्दीकर जांच शुरू की है। सांसद ने आरोप लगाया है कि मंदिर के लिए कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जिससे चंदे की रकम को भारी नुकसान पहुंचाया गया। एसआईटी अध्यक्ष व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पं