राम मंदिर की दानराशि में हेरफेर की जांच कर रही एसआईटी ने अब विस्तृत जांच में मंदिर ट्रस्ट की ओर से की गई जमीन खरीद के पहलू को शामिल किया है। वर्ष 2021 से अब तक हुए भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। जमीन खरीद को लेकर पिछले कुछ वर्षों में लगे आरोपों और सामने आए दस्तावेजों के आधार पर एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि सभी सौदे निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत हुए थे या नहीं। जांच में मसले की परतें खुलेंगी। याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से कराने की मांग की गई है। याचिका न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्म अवकाश कालीन खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी। प्रकरण की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाने वाली पीआईएल पर भी 29 जून को ही सुनवाई संंभावित है। राम मंदिर के लिए जमीन खरीद को लेकर समय-समय पर कई विवाद सामने आए थे। विभिन्न पक्षों ने दस्तावेजों के आधार पर कुछ सौदों में अनियमितता, कीमतों में भारी अंतर और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। हालांकि ट्रस्ट की ओर से हमेशा सभी खरीद प्रक्रियाओं को पारदर्शी और नियमसम्मत बताया जाता रहा है। अब एसआईटी ने अपनी विस्तृत जांच में इन आरोपों को भी शामिल कर लिया है।सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि भूमि खरीद के दौरान जमीनों का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया, भुगतान प्रक्रिया में क्या मानक अपनाए गए और विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन कैसे प्राप्त हुए। कुछ मामलों में बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के बीच बड़े अंतर को लेकर भी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। भूमि खरीद से संबंधित …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें