Explainer: आधार मान्य नहीं, पासपोर्ट से पहचान नहीं, फिर भारतीयता का सबूत क्या; बाकी दस्तावेजों की जरूरत क्यों? आइये जानते हैं कि विदेश मंत्रालय का पूरा बयान क्या रहा है, जिसे लेकर देश में नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों पर बहस छिड़ गई है? अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता तो फिर भारतीयता का सबूत क्या हो सकता है? इससे जुड़ा कानून क्या कहता है? ‘भारत में नागरिकता का प्रमाण कैसे दिया जा सकता है?’ बुधवार को जब विदेश मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी कर यह कहा कि पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का दस्तावेज है और यह देश की नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस मच गई। आम लोगों से लेकर संगीतकार जावेद अख्तर और विपक्ष के कई नेताओं ने भी नागरिकता के सबूत को लेकर सवाल पूछे। हालांकि, कहीं भी यह साफ नहीं हो सका कि आखिर देश का कानून नागरिकता पर क्या कहता है और किन दस्तावेजों को इसका प्रमाण माना जा सकता है। पहले जानें- क्या है विदेश मंत्रालय का पूरा बयान? विदेश मंत्रालय ने 24 जून को 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर एक ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है। इसका प्राथमिक मकसद नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की अनुमति देना और विदेशों में उनकी पहचान व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Explainer: आधार मान्य नहीं, पासपोर्ट से पहचान नहीं, फिर भारतीयता का सबूत क्या; बाकी दस्तावेजों की जरूरत क्यों?
Explainer: आधार मान्य नहीं, पासपोर्ट से पहचान नहीं, फिर भारतीयता का सबूत क्या; बाकी दस्तावेजों की जरूरत क्यों? आइये जानते हैं कि विदेश मंत्रालय का पूरा बयान क्या रहा है, जिसे लेकर देश में नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों पर बहस छिड़ गई है? अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता तो फिर भारतीयता का सबूत क्या हो सकता है? इससे जुड़ा कानून क्या कहता है? 'भारत में नागरिकता का प्रमाण कैसे दिया जा सकता है?' बुधवार को जब विदेश मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी कर यह कहा कि पासपोर्ट सिर्फ यात्र