इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि ने रक्षा नीतिकारों को चिंता में डाल दिया है। कंपनी की इस मांग के बाद भारत ने अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है। भारतीय एयरोनॉटिकल विकास एजेंसी (एडीए) व रक्षा मंत्रालय को उम्मीद थी कि भारत में निर्मित होने वाले आगामी लड़ाकू विमानों के लिए जीई-एफ414 इंजन की प्रति इंजन लागत लगभग 70 से 80 करोड़ के आसपास होगी। हालांकि, जनरल इलेक्ट्रिक की ओर से पेश नई कीमत इस अनुमान से लगभग तीन गुना ज्यादा है।अमेरिकी कंपनी ने भारत में एक समर्पित एफ414 असेंबली और लोकल मैन्युफैक्चरिंग लाइन स्थापित करने के लिए लगभग 6,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि की मांग भी रखी है। इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति शृंखला में आए संकट, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों व अमेरिकी फैक्टरियों में बढ़ी लागत का हवाला दिया गया है। सूत्रों के अनुसार अमेरिकी कंपनी जीई एमका परियोजना के लिए भारत की उसके इंजन पर निर्भरता का फायदा उठा रही है।भारत ने 1980 के दशक में तेजस विमानों के लिए स्वदेशी कावेरी इंजन बनाना शुरू किया था। लेकिन तकनीकी चुनौतियों और अपेक्षित प्रदर्शन स्तर हासिल न कर पाने से इस इंजन को तेजस लड़ाकू विमान के लिए स्वीकृति नहीं मिल सकी। स्वदेशी इंजन न होने से भारत को तेजस मार्क-1 के लिए अमेरिकी जीई-एफ404 इंजन का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद ज्यादा शक्तिशाली तेजस मार्क-2 और एमका के शुरुआती वेरिएंट के लिए जीई-एफ414 इंजन को चुना गया।जून 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान दोनों देशों में महत्वपूर्ण तकनीकी हस्तांतरण के साथ भारत में ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की ओर से इन इंजनों के सह-उत्पादन का समझौता हुआ था। अब व्यावसायिक शर्त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
AMCA: 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने में रोड़ा, जीई ने बढ़ाई इंजन की कीमत; अन्य विकल्पों पर विचार शुरू
इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि ने रक्षा नीतिकारों को चिंता में डाल दिया है। कंपनी की इस मांग के बाद भारत ने अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है। भारतीय एयरोनॉटिकल विकास एजेंसी (एडीए) व रक्षा मंत्रालय को उम्मीद थी कि भारत में निर्मित होने वाले आगामी लड़ाकू विमानों के लिए जीई-एफ414 इंजन की प्रति इंजन लागत लगभग 70 से 80 करोड़ के आसपास होगी। हालांकि, जनरल इलेक्ट्रिक की ओर से पेश नई कीमत इस अनुमान से लगभग तीन गुना ज्यादा है।अमेरिकी कंपनी ने भारत में एक समर्पित एफ414 असेंबली और लोकल मैन्युफैक्चरि