दो शिफ्टों में हो रही गिनती चढ़ावे की गिनती पहले की तरह दो शिफ्टों में की जा रही है, लेकिन अब दानपात्र खोलने से लेकर नकदी की गिनती पूरी होने तक पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही प्रतिदिन होने वाली गिनती और जमा राशि की ऑनलाइन एंट्री भी की जा रही है, जिससे रिकॉर्ड का डिजिटल ट्रैक उपलब्ध रहे। दान गिनती व्यवस्था से जुड़े स्टेट बैंक के टेलर्स, सुपरवाइजर्स और ऑडिट कर्मियों को भी बदल दिया गया है। बैंक की एजेंसी से जुड़े पुराने कर्मचारियों की जगह नया स्टॉफ तैनात किया गया है। वहीं ट्रस्ट की ओर से निगरानी करने वाले कर्मचारियों में भी बदलाव किया गया है। श्रद्धालुओं को दान की विधिवत रसीद देने की व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक सख्ती से लागू की गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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