कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इन सभी को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे ब्रेस ब्रिज के पास हुआ। चश्मदीदों ने बताया कि जब इमारत गिरी, तो मलबे के नीचे से लोगों के चीखने-चिल्लाने और मदद मांगने की आवाजें आ रही थीं। बचाव दल के सदस्य फंसे हुए लोगों को निकलने के प्रयास में जुटे हुए हैं।जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त गोदाम की छत की ढलाई (कास्टिंग) का काम चल रहा था। इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का ढांचा तैयार हो चुका था और ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य जारी था। इस दौरान अचानक पूरी इमारत भरभरा कर गिर गई, जिससे लोहे के भारी बीम और कंक्रीट का बड़ा ढेर लग गया और वहां काम कर रहे मजदूर नीचे दब गए।राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है। कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह (DMG), नागरिक सुरक्षा और दमकल विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। लोहे के बीम और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर और वर्टिकल ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन और बड़ी मशीनें लगाई गई हैं।दमकल विभाग के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि गोदाम के निर्माण में घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं, स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि इस इलाके में पिछले काफी समय से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य चल रहे हैं।हादसे की गंभीरता को देखते हुए शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे और मंत्री इंद्रनील खान घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भाजपा नेता राकेश सिंह भी वहां मौज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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