शुरुआत में लगा कि यह सिर्फ एक दर्दनाक हादसा है। लेकिन जब पुलिस ने जांच की परतें खोलीं, तो पीछे एक ऐसी ठंडे दिमाग से बुनी गई मर्डर मिस्ट्री निकली, जिसने पूरे देश के होश उड़ा दिए। इस खौफनाक वारदात ने ठीक 13 महीने पहले, मई-जून 2025 में हुए मेघालय के कुख्यात ‘राजा रघुवंशी हत्याकांड’ की यादें ताजा कर दी हैं।20 साल की सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी। वह अपने 22 साल के प्रेमी चेतन चौधरी के प्यार में पागल थी। केतन उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा कांटा था। इस कांटे को निकालने के लिए सिया ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं।केतन ने शादी से पहले सिया के लिए एक बेहद रोमांटिक बाली ट्रिप प्लान की थी। लेकिन सिया वहां नहीं, केतन को मौत के घाट पर ले जाना चाहती थी। दावा किया जाता है कि रास्ते में एक होटल के वॉशरुम में उसने चुपके से अपना ही पासपोर्ट फाड़कर फ्लश कर दिया। बाहर आकर रोने का नाटक किया कि पासपोर्ट खो गया है। बाली ट्रिप कैंसिल हो गई। प्लान के मुताबिक, अब केतन को लोहागढ़ फोर्ट लाया गया।जांच में खुलासा हुआ कि यह हत्या की पहली कोशिश नहीं थी। इससे पहले 14 जून को भी वे केतन को इसी फोर्ट पर लाए थे। तब उन्होंने अचानक एक सांप का डर दिखाकर केतन को खाई में गिराने की कोशिश की थी। लेकिन उस दिन किस्मत केतन के साथ थी, वह बाल-बाल बच गया। मगर कातिल हार मानने वाले नहीं थे।केतन, महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ के जाने-माने कंस्ट्रक्शन बिजनेसमैन विशाल अग्रवाल के बेटे थे। उनकी शादी राजस्थान के उदयपुर में नवंबर में होनी थी। सूत्रों के मुताबिक, शादी के लिए दोनों के परिवारों ने जयपुर में एक महल 17 करोड़ रुपये में बुक किया था और मेहमानों को लाने-ले जाने के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
हत्यारी मंगेतर: शादी के लिए दो प्राइवेट जेट, 17 करोड़ में महल की बुकिंग, प्रेमी के लिए सिया ने केतन को दी मौत
शुरुआत में लगा कि यह सिर्फ एक दर्दनाक हादसा है। लेकिन जब पुलिस ने जांच की परतें खोलीं, तो पीछे एक ऐसी ठंडे दिमाग से बुनी गई मर्डर मिस्ट्री निकली, जिसने पूरे देश के होश उड़ा दिए। इस खौफनाक वारदात ने ठीक 13 महीने पहले, मई-जून 2025 में हुए मेघालय के कुख्यात 'राजा रघुवंशी हत्याकांड' की यादें ताजा कर दी हैं।20 साल की सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी। वह अपने 22 साल के प्रेमी चेतन चौधरी के प्यार में पागल थी। केतन उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा कांटा था। इस कांटे को निकालने के लिए सिया ने एक ऐसा चक्रव्यूह रच