पिछले हफ्ते के आखिरी दिन की सुस्ती के बाद, सोमवार की सुबह शेयर बाजार के निवेशकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। सेंसेक्स और निफ्टी ने जोरदार वापसी करते हुए ‘हरे निशान’ में शानदार शुरुआत की है। लेकिन, इस तेजी के बीच एक चिंता है जो निवेशकों और नीति-निर्माताओं के माथे पर लकीरें खींच रही है- और वह है मॉनसून की धीमी चाल। आज बाजार खुलते ही निवेशकों को कितना हुआ फायदा? सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर अपना पुराना मोमेंटम हासिल करते हुए मजबूती के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स 423.30 अंक (0.55%) की जोरदार छलांग लगाते हुए 77,226.20 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने भी 119.11 अंक (0.50%) की बढ़त के साथ 24,132.20 पर कारोबार शुरू किया। शुक्रवार को लगातार पांच दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया था, लेकिन सोमवार की इस शानदार रिकवरी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। आज के शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक और मारुति के शेयर मुनाफे वाले शेयरों (टॉप गेनर्स) की लिस्ट में सबसे आगे रहे। बाजार की इस तेजी पर मॉनसून का साया क्यों मंडरा रहा है? बाजार में भले ही रौनक लौट आई है, लेकिन आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक मॉनसून की प्रगति पर निर्भर करेगी। मौजूदा अल नीनो परिस्थितियों के कारण इस साल जून में अब तक सामान्य से लगभग 38% कम बारिश दर्ज की गई है। अगर मॉनसून में और देरी होती है, तो इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ेगा। पैदावार कम होने की आशंका से खाद्य महंगाई (फूड इन्फ्लेशन) बढ़ सकती है और ग्रामीण इलाकों में मांग घट सकती है। ये ऐसे कारक हैं जो सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट अर्निंग्स को प्रभावित कर सकते हैं। ग्लोबल मार्केट से आज कैसे स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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