भारत की मेजबानी में सोमवार से ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक शुरू हो रही है। दो दिवसीय इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। सितंबर में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित यह बैठक सदस्य देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक का औपचारिक एजेंडा गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, आतंकरोधी सहयोग और नई प्रौद्योगिकियों से जुड़े खतरों पर केंद्रित है। वहीं, भारत और चीन के बीच जारी सीमा गतिरोध की पृष्ठभूमि इसे अतिरिक्त महत्व प्रदान कर रही है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का मुख्य विषय दुनिया के सामने तेजी से उभर रही गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां होंगी। सदस्य देशों के प्रतिनिधि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, नई तकनीकों के दुरुपयोग से पैदा हो रहे खतरों और उनसे निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके अलावा आतंकरोधी सहयोग तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग पर गठित ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों के निष्कर्षों की भी समीक्षा की जाएगी।बैठक में चीन का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधि वांग यी करेंगे। डोभाल के निमंत्रण पर उनकी भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद कुछ विवादित बिंदुओं से सैनिकों की आंशिक वापसी जरूर हुई है, लेकिन पूर्ण सैन्य वापसी और गश्त के अधिकारों को लेकर गतिरोध अब भी कायम है।यही कारण है कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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