अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अगर ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हो पाता है तो वॉशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यह शुल्क पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए “संरक्षक की भूमिका निभाने के बदले दी गई सेवाओं” के लिए होगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लागू 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। होर्मुज पर अमेरिकी टोल को लेकर क्या बोले ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “युद्धविराम की 60 दिनों की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई शुल्क नहीं होगा और 60 दिन पूरे होने के बाद भी कोई शुल्क नहीं होगा, जब तक कि समझौता पूरा नहीं हो जाता। अगर समझौता पूरा नहीं होता है, तो अमेरिका द्वारा और उसके लिए शुल्क लगाया जा सकता है। यह मध्य पूर्व के देशों के लिए संरक्षक की भूमिका निभाने तथा अतीत, वर्तमान और भविष्य में हुए खर्चों की भरपाई के लिए होगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ईरान के साथ बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड जाने की संभावना जताई जा रही है। एक्सियोस ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि वेंस इन वार्ताओं में शामिल हो सकते हैं। होर्मुज में शुल्क के मुद्दे को लेकर ईरान के साथ हुए समझौता ज्ञापन पर ट्रंप को अमेरिका में काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है। यह समझौता केवल 60 दिनों तक बिना शुल्क के आवाजाही सुनिश्चित करता है और इसके बाद भविष्य में शुल्क लगाए जाने की संभावना को खारिज नहीं करता।अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'होर्मुज पर अमेरिका लगाएगा शुल्क': ट्रंप का बड़ा बयान, क्या पश्चिम एशिया संघर्ष का खर्च दुनिया से वसूलेंगे?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अगर ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हो पाता है तो वॉशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यह शुल्क पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए “संरक्षक की भूमिका निभाने के बदले दी गई सेवाओं” के लिए होगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लागू 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान कोई शुल्क नहीं लगाया जा