1 of 17 ram mandir - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें हालांकि हकीकत यह भी है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के सामने बैंक कर्मी नतमस्तक रहते थे। उन्हें वहां से जैसे निर्देश मिलते थे, वे वैसा ही करते थे, क्योंकि ट्रस्ट के पदाधिकारियों की पहुंच और प्रभाव का सभी को अंदाजा था। हालांकि हकीकत यह भी है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के सामने बैंक कर्मी नतमस्तक रहते थे। उन्हें वहां से जैसे निर्देश मिलते थे, वे वैसा ही करते थे, क्योंकि ट्रस्ट के पदाधिकारियों की पहुंच और प्रभाव का सभी को अंदाजा था। राम मंदिर की दान राशि हेरफेर के मामले में बैंक कर्मियों की भूमिका भी बेहद गंभीर मानी जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी अपने एक साक्षात्कार में इसको लेकर सवाल उठाए थे। एसआईटी को बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही और संभावित मिलीभगत के कुछ साक्ष्य मिले हैं। 2 of 17 राम मंदिर में प्रवेश करती एसआईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी दरअसल, गिनती प्रक्रिया में जितनी भूमिका ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की होती है, उतनी ही संबंधित बैंक के कर्मियों की भी रहती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गिनती के दौरान किसी को गड़बड़ी न हो। मगर ऐसा नहीं हुआ। बैंकतर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी आंखें मूंदे रहे। 3 of 17 अयोध्या पहुंची एसआईटी। - फोटो : amar ujala बैंक अधिकारी रहे खामोश सूत्रों ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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