एनबीसी न्यूज को फोन पर दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दिन में पहले इस्राइल से संपर्क किया था और उसके नेतृत्व को युद्धविराम का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया। हालांकि, उन्होंने यह पुष्टि नहीं की कि क्या उन्होंने सीधे इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी। ट्रंप ने युद्धविराम को लेकर कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने इसे ‘एक तरह का अतिरिक्त लाभ’ बताया और पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि यह समझौता 60 दिनों की अवधि के लिए तकनीकी वार्ताओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। नेतन्याहू के साथ संबंधों पर ट्रंप ने क्या कहा? ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह हमेशा उनके साथ अच्छे संबंध रखते हैं। लेकिन कभी-कभी शांत रहना चाहिए और दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए। इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच नए युद्धविराम समझौते के बाद उनका यह बयान सामने आया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है, जो स्थानीय समय के अनुसार सुबह नौ बजे से लागू हुआ। कुछ सूत्रों ने बताया कि इस समझौते में ईरान ने भी अमेरिका और दोहा के साथ मिलकर भूमिका निभाई। आईडीएफ ने कहा- सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाते रहेंगे हालांकि, इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सेना हिजबुल्ला की ओर से उल्लंघनों के जवाब में ‘तत्काल खतरों’ को खत्म करना जारी रखेगी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसी बीच, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि उपराष्ट्रपति ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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