अमित शाह ने शिवसेना को लेकर क्या कहा? अंबाबाई कॉरिडोर परियोजना को लेकर क्या घोषणा हुई? मोदी सरकार के 12 वर्षों को लेकर शाह ने क्या कहा? सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों पर क्या बोले अमित शाह? विकसित भारत और भाजपा के विस्तार पर क्या कहा? कोल्हापुर की जनसभा में अमित शाह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले दल को ‘शिवसेना-शिंदे गुट’ के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और केवल एक शिवसेना ही अस्तित्व में है। उनके इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाह ने सीधे तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की कि शिवसेना को लेकर जो भ्रम या विभाजन की चर्चा थी, वह अब समाप्त हो चुकी है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की मजबूती के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।अमित शाह ने अपने संबोधन में कोल्हापुर स्थित माता अंबाबाई मंदिर के जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। शाह के अनुसार, अंबाबाई कॉरिडोर परियोजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। शाह ने इसे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में ऐसे कई काम हुए हैं जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले लोग मानते थे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Amit Shah: 'शिवसेना-शिंदे गुट कहने का दौर खत्म', अंबाबाई कॉरिडोर के मंच से शाह बोले- अब सिर्फ एक ही शिवसेना
अमित शाह ने शिवसेना को लेकर क्या कहा? अंबाबाई कॉरिडोर परियोजना को लेकर क्या घोषणा हुई? मोदी सरकार के 12 वर्षों को लेकर शाह ने क्या कहा? सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों पर क्या बोले अमित शाह? विकसित भारत और भाजपा के विस्तार पर क्या कहा? कोल्हापुर की जनसभा में अमित शाह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले दल को 'शिवसेना-शिंदे गुट' के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और केवल एक शिवसेना ही अस्तित्व में है। उनके इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण मान