अपनी पार्टी के छह लोकसभा सांसदों की बगावत के बीच शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को भावुक होते हुए कहा कि चुनौतियों और हमलों के बावजूद मेरा संकल्प कमजोर नहीं पड़ा है, लेकिन अगर पार्टी को मुझ पर भरोसा नहीं है, तो मैं अपना पद छोड़ने को तैयार हूं। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी योग्य व्यक्ति को शिवसेना का अध्यक्ष बनाने के लिए तैयार हूं। मैं संघर्ष से पीछे हटने वाला नहीं हूं, लेकिन जिस दिन आपको लगे कि मैं इस जिम्मेदारी के सही आदमी नहीं हूं, उसी दिन यह पद छोड़ दूंगा।‘उद्धव ठाकरे ने भाजपा और कांग्रेस की राजनीति की तुलना करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारे हमेशा से तीखे राजनीतिक मतभेद रहे हैं। विचारों की यह लड़ाई जगजाहिर है। लेकिन कांग्रेस ने कभी भी शिवसेना को जड़ से खत्म करने की कोशिश नहीं की। इसके विपरीत, भाजपा आज शिवसेना का नामोनिशान मिटाने पर तुली हुई है। वह हमारी पार्टी को पूरी तरह बर्बाद करना चाहती है।पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र में भी बगावत की खबर सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि उद्धव गुट के छह सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं। हालांकि, इस बीच उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने साफ कहा कि इन सांसदों के दगा देने से शिवसैनिक बिल्कुल भी निराश या हताश नहीं हैं। इसके उलट, इस धोखे ने शिवसैनिकों के भीतर एक नई आग पैदा कर दी है। वे अब पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और एकजुट हो गए हैं।भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे भावुक भी हुए। उन्होंने महाराष्ट्र के उन सभी मतदाताओं से हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना के टिकट पर जीते सांसदों को अपना कीमती वोट दिया था …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें