इससे पहले दिन में बेस्ट संयुक्त कामगार कृती समिति ने दादर में आयोजित एक सभा में घोषणा की थी कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारी आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। बेस्ट संयुक्त कामगार कृती समिति 12 संगठनों का संयुक्त मंच है। बेस्ट मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी परिवहन सेवा उपनगरीय रेल नेटवर्क के बाद बेस्ट मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन सेवा है। बस सेवा चलाने के अलावा, यह दक्षिण मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली भी उपलब्ध कराती है। बेस्ट की बसों से हर दिन करीब 25 लाख यात्री सफर करते हैं। फिलहाल बेस्ट के पास करीब 2,700 बसों का बेड़ा है। इनमें से केवल 243 बसें बेस्ट की अपनी हैं। जबकि बाकी बसें निजी ऑपरेटरों से वेट-लीज आधार पर ली गई हैं। क्या मांगें हैं? कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में बेस्ट के बजट का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के बजट में विलय, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एकमुश्त निपटारा, वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, परिवहन और बिजली विभाग में संविदा व्यवस्था समाप्त करना और वेट-लीज बस कर्मचारियों को बेस्ट में समायोजित करना शामिल है। समिति ने रिक्त पदों पर भर्ती, बेस्ट के स्वामित्व में छह हजार बसों का संचालन, पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति तथा उपक्रम में निजीकरण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल को ठुकराने की भी मांग की है। बेस्ट के प्रवक्ता ने क्या कहा? हड़ताल की घोषणा के बाद बेस्ट उपक्रम ने औद्योगिक अदालत का रुख किया। बेस्ट के एक प्रवक्ता ने बताया कि अदालत ने अंतरिम आदेश में कर्मचा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल पर लगी रोक: औद्योगिक अदालत ने दिया अंतरिम आदेश, सरकार ने लगाया मेस्मा
इससे पहले दिन में बेस्ट संयुक्त कामगार कृती समिति ने दादर में आयोजित एक सभा में घोषणा की थी कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारी आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। बेस्ट संयुक्त कामगार कृती समिति 12 संगठनों का संयुक्त मंच है। बेस्ट मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी परिवहन सेवा उपनगरीय रेल नेटवर्क के बाद बेस्ट मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन सेवा है। बस सेवा चलाने के अलावा, यह दक्षिण मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली भी उप