आठ जून को जारी सिपरी की 2026 की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का आधुनिकीकरण कार्यक्रम अब लंबी दूरी के ऐसे हथियार विकसित करने पर अधिक केंद्रित है, जो चीन के पूरे क्षेत्र में स्थित लक्ष्यों तक पहुंचने में सक्षम हों। हालांकि, भारत की रणनीतिक योजना में पाकिस्तान के साथ उसकी पुरानी प्रतिद्वंद्विता भी प्रमुख बनी हुई है।हथियारों, निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की वार्षिक समीक्षा पेश करने वाली इस रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास लगभग 190 परमाणु हथियार होने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान भी नई हथियार प्रणालियों का विकास कर रहा है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दशक में पाकिस्तान का परमाणु जखीरा भी बढ़ सकता है।सिप्री की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2021-25 की अवधि में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्यय करने वाला देश बना हुआ है। 2025 में भारत का सैन्य व्यय 92.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। रक्षा खर्च के मामले में भारत केवल अमेरिका, चीन, रूस और जर्मनी से पीछे है।हथियारों के आयात के मामले में भी भारत की स्थिति महत्वपूर्ण है। 2021-25 की अवधि में, भारत प्रमुख हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा, जिसने वैश्विक हथियारों के आयात का 8.2 प्रतिशत हिस्सा लिया। इस अवधि में सबसे बड़े हथियार प्राप्तकर्ताओं में यूक्रेन, भारत, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान शामिल थे, जिन्होंने कुल हथियार आयात का 35 प्रतिशत हिस्सा लिया।इस रिपोर्ट में मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ऑपरेशन सिंदूर को दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच “असामान्य रूप से गंभीर सै …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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