क्या कांग्रेस ने पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देने से बचने की कोशिश की? क्या शिवसेना यूबीटी राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर उतर आई? क्या विपक्ष 2029 की रणनीति पर चर्चा करने जा रहा है? दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली इस बैठक को जनबंधन नाम दिया गया है। लोकसभा चुनाव के बाद INDIA ब्लॉक की यह पहली बड़ी औपचारिक बैठक मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में करीब 23 विपक्षी दल शामिल होंगे। राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए रणनीति तय होगी। गठबंधन के भीतर तालमेल बढ़ाने और अंदरूनी मतभेद कम करने पर चर्चा हो सकती है। क्या बड़े विपक्षी नेता इस बैठक में शामिल होंगे? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इन पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे पोस्टर देखे ही नहीं हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इन पोस्टरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। पोस्टरों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल के पुराने बयान दिखाए गए थे। इन बयानों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि विपक्षी दलों के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं।शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर सवाल उठाने वाले लोग मूर्ख हैं। राउत ने कहा कि राहुल गांधी देश के सबसे महत्वपूर्ण, लोकप्रिय और संघर्षशील नेताओं में से एक हैं और सरकार उनसे डरी हुई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि शिवसेना यूबीटी INDIA ब्लॉक की बैठक में वर्चुअली शामिल होगी। राउत ने कहा कि बैठक का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें