अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनका प्रशासन ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने से पहले उसकी जब्त हुई संपत्तियों को नहीं लौटाएंगे। एनबीसी न्यूज के ‘मीट द प्रेस’ को दिए एक साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रतिबंधों से किसी भी प्रकार की राहत केवल ईरान द्वारा भविष्य के समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के बाद ही दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंधों में ढील देने पर चर्चा शुरू होने से पहले तेहरान को अपनी नीयत और प्रतिबद्धता का सबूत देना होगा। उन्होंने कहा, “समझौते के बाद। हां। अगर वे ठीक व्यवहार करते हैं, अगर वे अच्छा काम करते हैं, तो हम बातचीत शुरू करेंगे। हां।“अमेरिकी राष्ट्रपति ने ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लेबनान को तेहरान के साथ किसी अल्पकालिक समझौते में शामिल करने पर जोर नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वे ऐसा देखना चाहेंगे, लेकिन मैं इसकी मांग नहीं कर रहा हूं।” पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी संघर्ष और बढ़े तनाव के बाद स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। ट्रंप प्रशासन भी संभावित शांति समझौते के लिए कोशिश में जुटा हुआ है। फिर दी ईरान पर हमले की धमकी ट्रंप ने मांग की कि भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ताकार परमाणु हथियार विकास से संबंधित प्रतिबंधों पर काफी हद तक सहमत हो गए थे, लेकिन उन्होंने खास शब्दों के लिए जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई समझौता हो जाता है तो वॉशिंगटन ईरान के साथ मिलकर संवर्धित यूरेनियम को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
West Asia Crisis: 'समझौते से पहले नहीं देंगे कोई राहत', ईरान की जब्त संपत्तियों पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनका प्रशासन ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने से पहले उसकी जब्त हुई संपत्तियों को नहीं लौटाएंगे। एनबीसी न्यूज के 'मीट द प्रेस' को दिए एक साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रतिबंधों से किसी भी प्रकार की राहत केवल ईरान द्वारा भविष्य के समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के बाद ही दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंधों में ढील देने पर चर्चा शुरू होने से पहले तेहरान को अपनी नीयत और प्रतिबद्धता का सबूत देना