टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे पत्र में मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने लिखा कि पूरे सम्मान के साथ मैं राज्य सचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) और एआईटीसी में मुझे सौंपी गई सभी दूसरी जिम्मेदारियों से, साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तुरंत इस्तीफा देता हूं। उन्होंने आगे लिखा, यह फैसला हल्के में नहीं लिया गया है। मैंने अपना समय, ऊर्जा और प्रतिबद्धता पार्टी को दी है और हमेशा संगठन और उसके कार्यकर्ताओं के हित में काम किया है। आपके नेतृत्व में काम करना और पार्टी के विकास व लोगों तक पहुंच में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात है। लेकिन काफी सोचने-विचारने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि मैं अब पार्टी के साथ अपना जुड़ाव जारी रखने की हालत में नहीं हूं। हालांकि, मेरे इस फैसले में निजी वजहें शामिल हैं। लेकिन मुझे पार्टी के मौजूदा माहौल और कामकाज से अपनी गहरी नाराजगी भी जाहिर करनी होगी। ‘समर्पित कार्यकर्ताओं को किया जा रहा नजरअंदाज’ सिद्दीकी ने लिखा, पिछले कुछ वर्षों से कई मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को लगा है कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, किनारे कर दिया गया है और उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं। जो लोकतांत्रिक भावना कभी बातचीत और मिलकर फैसले लेने को बढ़ावा देती थी, वह अब काफी कमजोर हो गई है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की वास्तविक चिंताएं अक्सर अनसुनी रह जाती हैं, जिससे पार्टी के पक्के सदस्यों में निराशा बढ़ रही है। ये भी पढ़ें: ‘अभिषेक बनर्जी के साथ काम करना मुश्किल’ उन्होंने लिखा, मुझे खास तौर पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व और काम करने के तरीके के तहत काम करना मुश्किल लगा है। मेरे अनुभव में पार्टी के म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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