विधानसभा चुनाव में करारी हार और पार्टी के भीतर उभरे असंतोष के बीच तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को संगठन में व्यापक फेरबदल की घोषणा की। पार्टी के भीतर विद्रोह का केंद्र रहे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव पद पर बरकरार रखते हुए ममता ने साफ संकेत दिया कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर उनका भरोसा कायम है। हालांकि, उनके साथ राज्यसभा सांसद डोला सेन और डेरेक ओ’ब्रायन को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नियुक्त कर संगठन में संतुलन साधने की कोशिश भी की गई है। कालीघाट में आयोजित बैठक में ममता ने पार्टी के पुनर्गठन का खाका पेश किया। इससे दो दिन पहले तृणमूल ने अपने सभी संगठनात्मक और प्रकोष्ठ स्तर के पदाधिकारियों को भंग कर दिया था। नए संगठन में सबसे बड़ा बदलाव प्रदेशअध्यक्ष पद पर हुआ है। पार्टी की स्थापना काल से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे 75 वर्षीय सुब्रत बख्शी की जगह पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। तृणमूल के नए प्रमुख पदाधिकारी राष्ट्रीय महासचिव- अभिषेक बनर्जी। राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव- डोला सेन, डेरेक ओ’ ब्रायन। प्रदेश अध्यक्ष- चंद्रिमा भट्टाचार्य। युवा तृणमूल अध्यक्ष- सायनी घोष। महिला तृणमूल अध्यक्ष- माला राय। श्रमिक संगठन अध्यक्ष- मलय घटक। छात्र संगठन अध्यक्ष- प्रियंका अधिकारी। अभिषेक बनर्जी को पद पर बनाए रखकर नेतृत्व पर भरोसा दोहराया। संगठनात्मक असंतोष को देखते हुए टीम में नए शक्ति केंद्र जोड़े। चुनावी पराजय के बाद जवाबदेही का संकेत देते हुए प्रदेश अध्यक्ष बदला। बागी नेताओं को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं देकर अनुशासन का संदेश दिया। 2029 के लोकसभा चुनाव और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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