पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि लेबनान में इस्राइली सैन्य अभियानों को लेकर उनकी बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बेहद तीखी फोन वार्ता हुई थी। ट्रंप ने माना कि बातचीत के दौरान उन्होंने नेतन्याहू के प्रति कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह गुस्से में नहीं थे, बल्कि लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से चिंतित और परेशान थे। न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने लेबनान में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर नेतन्याहू के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस पर उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसा हुआ था। ट्रंप ने कहा कि वह लेबनान में लगातार जारी लड़ाई और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंतित थे।हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और नेतन्याहू के बीच संबंध अच्छे हैं और वे एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर चुके हैं। ट्रंप ने कहा “हमने साथ में काफी अच्छा काम किया है, ‘बीबी’ मेरा चहेता है।” वहीं दूसरी ओर, इस्राइली मीडिया ने इस तरह की किसी भी बहस या तीखी बातचीत की रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है।एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। दावा किया गया है कि इस कॉल में ट्रंप ने कड़े और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बातचीत के दौरान ट्रंप ने कथित रूप से 2019 के भ्रष्टाचार मामले का जिक्र करते हुए नेतन्याहू से कहा था कि उन्होंने उन्हें जेल जाने से बचाया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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