छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने अपने भावुक पत्र में लिखा कि दोबारा परीक्षा में अच्छे अंक आने की कोई गारंटी नहीं है। उसने यह भी लिखा कि उसने अपने माता-पिता के लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया है। आकांक्षा ने तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह काफी खुश और आत्मविश्वास से भरी हुई थी। उसे उम्मीद थी कि उसके अच्छे अंक आएंगे। लेकिन प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से उसकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। परिवार के अनुसार, इसके बाद वह तनाव और चिंता में रहने लगी थी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के चलते तीन मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद दोबारा परीक्षा 21 जून को कराने का फैसला लिया गया। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में रहकर नीट की तैयारी कर रहीं थीं। हालांकि, तीन मई की परीक्षा रद्द होने की घोषणा के करीब एक सप्ताह बाद 20 मई को वह नागपुर में अपने कमरे के अंदर फंदे से लटकी मिली थी। पुलिस के अनुसार, उस दिन दोपहर करीब 12 बजे जब परिवार के सदस्य खाना खाने बैठे, तब आकांक्षा ने कहा था कि उसे भूख नहीं है और वह बाद में खाना खाएगी। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। करीब तीन बजे परिवार के लोगों ने उसे कमरे में फंदे से लटका पाया। उस समय कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। आकांक्षा की मौत से पूरा परिवार टूट गया। कुछ दिन बाद जब परिजन उसकी किताबें और पढ़ाई का सामान देख रहे थे, तब उन्हें उसका हाथ से लिखा पत्र मिला। इसके बाद एक जून को यह नोट अंबाझरी पु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
NEET: 'मुझमे दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं', आत्महत्या करने वाली छात्रा ने सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा?
छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने अपने भावुक पत्र में लिखा कि दोबारा परीक्षा में अच्छे अंक आने की कोई गारंटी नहीं है। उसने यह भी लिखा कि उसने अपने माता-पिता के लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया है। आकांक्षा ने तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह काफी खुश और आत्मविश्वास से भरी हुई थी। उसे उम्मीद थी कि उसके अच्छे अंक आएंगे। लेकिन प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से उसकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। परिवार के अनुसार, इसके बाद वह तनाव और चिंता में रहने लगी थी। राष्ट्रीय परी