ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबी पोस्ट लिखी। उन्होंने जिला न्यायाधीश क्रिस्टोफर कूपर के फैसले पर बहुत गुस्सा जताया। न्यायाधीश कूपर ने केंद्र से ट्रंप का नाम हटाने का भी आदेश दिया है। इस फैसले से ट्रंप बेहद परेशान दिखे। उन्होंने कहा कि उनके साथ कभी निष्पक्ष व्यवहार नहीं हो सकता।ट्रंप ने कहा कि इस ऐतिहासिक इमारत को मरम्मत की बहुत जरूरत थी। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह आगे कोर्ट में लड़ेंगे या नहीं। फैसले के कुछ घंटे बाद ही ट्रंप ने बड़ा एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अब इस काम से पीछे हट रहे हैं। वह इस केंद्र का पूरा जिम्मा वापस कांग्रेस को सौंप रहे हैं। ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने से पहले तक इसे ‘जॉन एफ. केनेडी सेंटर’ के नाम से ही जाना जाता था। व्हाइट हाउस ने अभी यह नहीं बताया है कि ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहेंगे या नहीं।ट्रंप ने बिना किसी सबूत के इस फैसले के लिए न्यायाधीश की पत्नी एमी जेफ्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि जेफ्रेस एक बड़ी वकील हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में सरकारी सलाहकार थीं। न्यायाधीश कूपर को भी ओबामा ने ही नियुक्त किया था। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि जेफ्रेस की कंपनी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन का केस लड़ रही है।ट्रंप का दावा है कि 1971 में बनी यह इमारत बहुत पुरानी हो चुकी है। इसमें जंग लग चुका है और चूहे-कीड़े भर गए हैं। उनका कहना था कि नई इमारत बहुत शानदार बनती। इसके विपरीत, न्यायाधीश कूपर ने कहा कि बोर्ड ने बिना सोचे-समझे केंद्र को बंद करने का फैसला लिया था। प्रशासन जुलाई से काम शुरू करने वाला था, जिस पर अब कोर्ट ने रोक लगा दी है।ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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