कर्नाटक की राजनीति में बहुत बड़ा बदलाव हो गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है। इसके साथ ही राज्य की पुरानी कैबिनेट पूरी तरह भंग हो गई है। अब राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। आज शाम चार बजे बंगलूरू के विधान सौधा में कांग्रेस विधायकों की एक बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता खुद सिद्धारमैया करेंगे। पूरी उम्मीद है कि इस बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नया नेता चुन लिया जाएगा। यानी डीके शिवकुमार ही कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे।इस्तीफा देने के तुरंत बाद सिद्धारमैया अपने बेटे यतींद्र के साथ दिल्ली पहुंचे। वहां उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। सिद्धारमैया ने राहुल गांधी को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का अपना वादा पूरा कर दिया है। इससे राज्य में बिना किसी लड़ाई-झगड़े के सत्ता का बदलाव हो सका।कांग्रेस हाईकमान सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाना चाहता था। उन्हें राज्यसभा सांसद बनाने का ऑफर भी दिया गया था। लेकिन सिद्धारमैया ने इसे साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह कर्नाटक में ही रहना चाहते हैं। केंद्र की राजनीति में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। हालांकि, वह नए मंत्रिमंडल में अपने बेटे और अपने खास विधायकों के लिए उपमुख्यमंत्री समेत अच्छे पदों की मांग कर रहे हैं।दूसरी तरफ, डीके शिवकुमार ने भी दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सभी कांग्रेस विधायकों को आज बंगलूरू में मौजूद रहने को कहा है। शिवकुमार ने संकेत दिए हैं कि इस बार कर्नाटक की नई कैबिनेट में क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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