इस बैठक से पहले ट्रंप ने एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में अंतिम फैसला लेना चाहते हैं। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बैठक की जानकारी दी। उन्होंने समाचार एजेंसी एपी को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रंप अपनी शर्तों पर ही समझौता करेंगे। वह ईरान के परमाणु मंसूबों को रोकना चाहते हैं।ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि ईरान को यह मानना होगा कि वह कभी परमाणु बम नहीं बनाएगा। ईरान के पास अभी 440.9 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम का भंडार है। यह 60 प्रतिशत तक शुद्ध है। परमाणु हथियार बनाने के लिए 90 प्रतिशत शुद्धता चाहिए होती है। ट्रंप चाहते हैं कि इस सामग्री को जमीन से खोदकर निकाला जाए। फिर इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए।नए समझौते में होर्मुज जलमार्ग को खोलना सबसे बड़ी शर्त है। यह दुनिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। ईरान को 30 दिनों के भीतर यहां से सभी समुद्री बारूदी सुरंगे हटानी होंगी। ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टैक्स नहीं लगा पाएगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा। अमेरिका प्रतिबंधों में भी ढील देगा ताकि ईरान अपना तेल बेच सके।इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर एक अचानक हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता और अन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया था। पहले यहां से रोज 100 से ज्यादा जहाज़ निकलते थे। अब सिर्फ दो दर्जन जहाज ही निकल पाते हैं। ईरान ने यहां टैक्स वसूलने के लिए एक नई एजेंसी बनाई है। इस वजह से अमेरिका ने इस हफ्ते ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रंप ने ओमान को भी इस मामले में दूर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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