घटना के बाद ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। ममता ने कहा कि इस तरह की राजनीति शर्मनाक है और लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस ने भी इस घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ऐसी घटनाएं कराई जा रही हैं।तृणमूल कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव ने इस हमले को “पहले से सोची-समझी साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि यह आम लोगों का गुस्सा नहीं था, बल्कि तृणमूल कांग्रेस को डराने और चुप कराने की कोशिश थी। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। तृणमूल नेताओं का आरोप है कि सुरक्षा में बड़ी लापरवाही हुई है।कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। खरगे ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार से सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को “जानलेवा हमला” बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल में अराजक माहौल पैदा हो गया है और भाजपा सिर्फ नफरत और हिंसा की राजनीति कर रही है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताया है।भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले से पार्टी को अलग बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। हालांकि उन्होंने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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