राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने यह स्थिति केवल असंतोष नहीं, बल्कि धीरे-धीरे उभरता हुआ संगठनात्मक बिखराव बनती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, हालिया दिनों में सामने आए इस्तीफों, कुछ विधायकों की संदेहजनक गतिविधियों, आरोप-प्रत्यारोप और अलग-अलग स्तर पर असहमति जैसे घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर भरोसे और संवाद की कड़ी को कमजोर किया है।स्थिति यह संकेत दे रही है कि यदि जल्द ही संगठनात्मक स्तर पर सख्त और निर्णायक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह आंतरिक तनाव आगे चलकर पार्टी की कार्यप्रणाली और राजनीतिक रणनीति दोनों पर असर डाल सकता है। इसी बिखराव को रोकने के लिए आगामी रविवार को कालीघाट स्थिति ममता बनर्जी के आवास पर पार्टी को एकजुट बनाए रखने के लिए वरिष्ठ टीएमसी नेता और नेता प्रतिपक्ष शोभनदेव भट्टाचार्य ने एक बैठक बुलाई है।पार्टी के भीतर हाल के दिनों में विभिन्न स्तरों पर इस्तीफों और असंतोष के मामले लगातार सामने आए हैं। इनमें प्रवक्ता पद से शांतनु सेन का इस्तीफा प्रमुख माना जा रहा है। उन्होंने अपने पत्र में आरजी कर मेडिकल कॉलेज प्रकरण और चुनावी हार के बाद बने राजनीतिक माहौल का उल्लेख किया है। इसके अलावा संगठन के भीतर पार्षदों और विधायकों के पद छोड़ने तथा कई नेताओं के संगठनात्मक पदों से दूरी बनाने की घटनाओं ने भी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं को पार्टी के भीतर गहराते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।पार्टी के भीतर सबसे बड़ा टकराव सांसद कल्याण बनर्जी और सांसद काकोली घोष दस्तिदार के बीच सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, काकोली घोष दस्तिदार ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी पर महिला सां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
TMC: क्या ममता निकाल पाएंगी हल? हार के बाद इस्तीफों का दौर, आंतरिक कलह से बिखराव के मुहाने पर तृणमूल कांग्रेस
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने यह स्थिति केवल असंतोष नहीं, बल्कि धीरे-धीरे उभरता हुआ संगठनात्मक बिखराव बनती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, हालिया दिनों में सामने आए इस्तीफों, कुछ विधायकों की संदेहजनक गतिविधियों, आरोप-प्रत्यारोप और अलग-अलग स्तर पर असहमति जैसे घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर भरोसे और संवाद की कड़ी को कमजोर किया है।स्थिति यह संकेत दे रही है कि यदि जल्द ही संगठनात्मक स्तर पर सख्त और निर्णायक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह आंतरिक तनाव आगे चलकर पार्टी