इसके बाद घटना को छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से 23 अप्रैल की सुबह जयवीर के शव को डबुआ-पाली रोड स्थित एक कूड़े के ढेर में फेंक दिया। मृतक के भाई धर्मबीर निवासी गांव नरहुली, जिला एटा (उत्तर प्रदेश) ने हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से की गई थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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