यह अधिकारी सार्वजनिक रूप से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं था और उसने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस समझौते को अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। ईरान ने तुरंत इस संभावित समझौते की पुष्टि नहीं की। दोनों पक्षों के बीच बना यह अस्थायी समझौता ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी संघर्ष विराम कमजोर होता नजर आ रहा था। ये भी पढ़ें: संघर्ष विराम पर तनाव बढ़ा अमेरिकी सेना ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ईरान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है, जब कुवैत ने बताया कि अमेरिकी हमले के बाद उस पर मिसाइल हमला हुआ। इसे मौजूदा शांति समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया गया। अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि बुधवार देर रात कुवैत ने ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोक लिया। सेना ने इसे अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देश पर हमला बताया। कुवैत ने पहले अपने क्षेत्र पर हमले की पुष्टि की थी, जबकि ईरान ने कहा कि उसने एक अमेरिकी अड्डे पर जवाबी कार्रवाई की है। हालांकि, उसने देश का नाम नहीं लिया। जवाबी हमले और आरोप घटना उस समय हुई, जब अमेरिकी सेना ने बुधवार देर रात ईरान पर नए हमले किए और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास चार ड्रोन मार गिराए। साथ ही ईरान के बंदर अब्बास में एक ड्रोन नियंत्रण केंद्र को भी निशाना बनाया गया। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद पूर्ण युद्ध से बचते हुए बातचीत जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि बातचीत में प्रगति हो रही है। सोमवार को अमेरिका ने दक्षि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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