पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह नई चार्जशीट नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज आठ अलग-अलग प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) से जुड़ी हुई है। एसआईटी ने इस आरोप पत्र को एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। इस चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कई आरोपियों को नामजद किया गया है। आरोपियों में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीकन शेख, दानिश एजाज शेख और निदा एजाज खान समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।एसआईटी ने 22 मई को एक और बड़ी कामयाबी हासिल की थी। जांच टीम ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अकेले मामले में करीब 1500 पन्नों की बेहद विस्तृत चार्जशीट अदालत में सौंपी थी। उस मामले में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया है। इस कार्रवाई में भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी एससी और एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब नासिक स्थित आईटी कंपनी की कई महिला कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर गंभीर शोषण के आरोप लगाए। महिलाओं का आरोप था कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके साथ ही उनका यौन उत्पीड़न करने और जबरन धर्म बदलवाने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने खुलासा किया कि आरोपी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए एक खास व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे। इस ग्रुप के माध्यम से उन पर धार्मिक प्रार्थना करने और मांसाहारी भोजन खाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। कुछ पीड़िताओं ने यह भी आरोप लग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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