जब दोनों देशों के बड़े अधिकारियों से बात की गई, तो उनकी बातों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। अमेरिका कुछ और कहानी बता रहा है, तो ईरान कुछ और। आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि वो पांच बड़े मुद्दे कौन से हैं, जिनकी वजह से बात बनते-बनते अटक रही है।सबसे बड़ा झगड़ा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का साफ कहना है कि ईरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (हाइली एनरिच्ड यूरेनियम) का पूरा भंडार नष्ट करना होगा। अमेरिका और इस्राइल को डर है कि ईरान इससे परमाणु बम बना सकता है। ईरान इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। अब जरा आंकड़ों का खेल समझिए। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के मुताबिक, ईरान के पास इस समय 60% तक संवर्धित लगभग 970 पाउंड यूरेनियम है। इसके अलावा, अलग-अलग लेवल का लगभग 11 टन और यूरेनियम भी उसके पास जमा है।न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने रविवार को कहा कि ईरान इस यूरेनियम को नष्ट करने के लिए सैद्धांतिक रूप से मान गया है। हालांकि, इसे कैसे नष्ट किया जाएगा, इस पर अभी बात चल रही है। भविष्य में ईरान यूरेनियम संवर्धन करेगा या नहीं, इस पर बाद में बात होगी। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत यात्रा के दौरान कहा, ‘आप 72 घंटे में परमाणु समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका एक छोटे और अस्थाई समझौते के लिए तैयार है, लेकिन अगर दो महीने में बात नहीं बनी, तो ईरान पर हमले की धमकी दोबारा दी जा सकती है।ईरान के तीन बड़े अधिकारियों ने शनिवार को साफ कह दिया कि परमाणु स्टॉक को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। वे शुरू में इस मुद्दे पर बात ही नहीं करना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
शांति समझौता या सिर्फ दिखावा: कहां-कहां फंसा है पेच? पांच वजहें जिससे फिर भड़क सकता है ईरान-अमेरिका तनाव
जब दोनों देशों के बड़े अधिकारियों से बात की गई, तो उनकी बातों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। अमेरिका कुछ और कहानी बता रहा है, तो ईरान कुछ और। आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि वो पांच बड़े मुद्दे कौन से हैं, जिनकी वजह से बात बनते-बनते अटक रही है।सबसे बड़ा झगड़ा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का साफ कहना है कि ईरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (हाइली एनरिच्ड यूरेनियम) का पूरा भंडार नष्ट करना होगा। अमेरिका और इस्राइल को डर है कि ईरान इससे परमाणु बम बन