आजम खां को बड़ा झटका: अब इस मामले में दस साल की सजा, पांच लाख जुर्माना; केस के कागजात जुटाने में लगे थे दो साल और पढ़ें मामला राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चित रहा था और विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए थे। बताया जाता है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन मंत्री आजम खां ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अब्दुल्ला आजम के नामांकन पत्र को सील करा दिया था। साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान सपा नेता अब्दुल्ला आजम के नामांकन पत्र को लेकर उठा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उस समय यह मामला सामने आया था कि अब्दुल्ला आजम के पास दो पैन कार्ड और दो पासपोर्ट हैं। आरोप है कि उस समय किसी को भी नामांकन पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया था। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना का कहना है कि जब शहर में इस मामले की चर्चा शुरू हुई तो उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी जुटाने का प्रयास किया। आकाश सक्सेना के अनुसार, पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज और सूचनाएं एकत्र करने में करीब दो साल लगे थे। सात माह छह दिन से रामपुर जेल में बंद हैं आजम दो पैन कार्ड मामले में सजा सुनाए जाने के बाद 17 नवंबर 2025 से सपा नेता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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