अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अमेरिका फर्स्ट वीजा का एलान किया है। इसके तहत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाले व्यावसायिक पेशेवरों को वीजा प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमेरिकी दूतावास की सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि अमेरिका एक नई अमेरिका फर्स्ट वीजा व्यवस्था शुरू कर रहा है, जिसके तहत उन पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह नया ढांचा केवल वीजा आवेदकों के लिए ही नहीं है, बल्कि उन अमेरिकी कर्मचारियों के लिए भी उपयोगी होगा जो विदेशों में मिशन का हिस्सा बनकर देश के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।मार्को रूबियो ने कहा कि यह नई सुविधा अमेरिकी सरकार के खर्च को कम करने में मदद करेगी, क्योंकि इससे कामकाज अधिक तेज, सटीक और प्रभावी तरीके से हो सकेगा। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बेहतर दक्षता आएगी और कार्यों का निष्पादन और अधिक सुगमता से किया जा सकेगा।बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर गहन चर्चा हुई। अमेरिकी बयान के मुताबिक रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक नहीं बनाने देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद भारत की ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं पीएम मोदी ने शांति प्रयासों के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और संवाद व कूटनीति संघर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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