जीएसआर 817 अधिसूचना को रद्द करना: एआईओसीडी का मानना है कि यह अधिसूचना ऑनलाइन दवा बिक्री को वैध बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। एआईओसीडी का मानना है कि यह अधिसूचना ऑनलाइन दवा बिक्री को वैध बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। नई नियामक रूपरेखा का मसौदा तैयार करना: मौजूदा अधिसूचना को रद्द करने के बाद, संगठन एक नई और मजबूत नियामक रूपरेखा के निर्माण की मांग कर रहा है, जो ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित कर सके। मौजूदा अधिसूचना को रद्द करने के बाद, संगठन एक नई और मजबूत नियामक रूपरेखा के निर्माण की मांग कर रहा है, जो ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित कर सके। ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक: सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि ऑनलाइन दवा बिक्री को तुरंत बंद किया जाए। #WATCH | Mumbai, Maharashtra: The All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) has called for a nationwide 24-hour medicine sales strike on 20 May 2026. JS Shinde, National President, All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD), says, “… The online… pic.twitter.com/UEheir8YbN — ANI (@ANI) May 19, 2026 एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे ने बताया कि हाल ही में शुरू हुई ऑनलाइन दवा बिक्री नियमों का उल्लंघन करती है। उन्होंने विशेष रूप से जीएसआर 817 अधिसूचना का जिक्र किया, जिसे उन्होंने और संगठन ने पहले ही अनुचित बताया था। शिंदे के अनुसार, ऑनलाइन दवा बिक्री से माफिया को बढ़ावा मिल सकता है और इसके लिए एक मजबूत आईटी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है, जिसका अभाव है।इसके अतिरिक्त, एआईओसीडी ने जीएसआर 220 अधिसूचना को भी रद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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