संगठनों ने बीएस-4 वाहनों पर भी ईसीसी लगाए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि ये वाहन नवीनतम उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं और ग्रेप-4 के दौरान भी इन्हें संचालन की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा 1 नवंबर 2026 से बीएस-4 और उससे नीचे के कमर्शियल वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध को भी अवैज्ञानिक और गैरकानूनी बताया गया है। एआईएमटीसी के अनुसार इससे दिल्ली-एनसीआर के 17 लाख से अधिक ट्रक ऑपरेटरों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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