खेड़ा जिले के रहने वाले रोमिन वोहरा पेशे से लैब टेक्नीशियन हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें 13 जून को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में जाने की अनुमति मिली थी। वहां उन्होंने देखा कि कैप्टन सभरवाल का शव एक मेज पर अलग रखा था। रोमिन के अनुसार, शव काफी सख्त हो गया था और ऐसा लग रहा था जैसे वह अपनी सीट पर बैठे हों। उनके पैर मुड़े हुए थे और हाथ आगे की तरफ फैले थे, जैसे वे स्टीयरिंग थामे हुए हों।रोमिन ने यह भी बताया कि कैप्टन ने अपनी वर्दी पहनी हुई थी, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो गया। उन्होंने कहा कि कैप्टन का शरीर पीछे की तरफ से ज्यादा जला था, जबकि सामने का हिस्सा और चेहरा कम झुलसा था। बाद में उन्होंने तस्वीरों से भी कैप्टन की पहचान की पुष्टि की। रोमिन ने इस हादसे में अपने भाई, भतीजी और चाची को खो दिया था।यह हादसा 12 जून को हुआ था जब लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद मेघानीनगर के एक हॉस्टल परिसर में गिर गई थी। इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में सिर्फ एक यात्री ही बच पाया था। विमान को कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंडर उड़ा रहे थे।इस दावे के बाद अमेरिका की एक कानूनी फर्म ‘चियोनुमा लॉ’ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह फर्म 100 से ज्यादा पीड़ित परिवारों का पक्ष रख रही है। फर्म के अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट आखिरी समय तक कंट्रोल थामे हुए था, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति पर दोष मढ़ने के बजाय स्वतंत्र विशेषज्ञों से इसकी जांच करानी चाहिए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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