केंद्रीय जल आयोग की जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में इस समय कुल 63.232 अरब घन मीटर (बीसीएम) पानी उपलब्ध है। 30 अप्रैल तक इन 166 जलाशयों में 71.082 बीसीएम पानी था, जो कुल क्षमता का 38.72 प्रतिशत था। अब यह घटकर 34.45 प्रतिशत रह गया है। यानी केवल दो हफ्तों में करीब 8 बीसीएम पानी कम हो गया। रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कई जलाशयों में पानी सामान्य स्तर के आधे से भी नीचे पहुंच चुका है। तमिलनाडु के वैगई जलाशय में केवल 12.47 प्रतिशत पानी बचा है, जबकि अलियार में 21.25 प्रतिशत पानी है।केरल के पेरियार बांध में 41.65 प्रतिशत रह गया है। कर्नाटक का तट्टिहल्ला जलाशय 26.27 प्रतिशत और तेलंगाना का प्रियदर्शिनी जूराला बांध 39.49 प्रतिशत स्तर पर पहुंच गया है। पूर्वी और मध्य भारत के भी कई जलाशयों की स्थिति तेजी से बिगड़ी है। बिहार का चंदन डैम, महाराष्ट्र का भीमा उज्जैनी और उत्तर प्रदेश का मौदाहा जलाशय पूरी तरह शून्य स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा असम का खांडोंग जलाशय केवल 17.42 प्रतिशत, मध्य प्रदेश का राजघाट डैम 35.05 प्रतिशत, उत्तराखंड का टिहरी बांध 20.85 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल का कांगसबाती जलाशय 31.50% स्तर पर रह गया है। उत्तर प्रदेश का माताटीला जलाशय भी सामान्य भंडारण के 40.58 प्रतिशत तक सिमट गया है।रिपोर्ट के अनुसार गंगा बेसिन का भंडारण भी घटकर 43.34 फीसदी रह गया है। गोदावरी बेसिन में 36.52 प्रतिशत और नर्मदा बेसिन में 34.96 प्रतिशत दर्ज किया गया है। कृष्णा बेसिन की स्थिति चिंताजनक है, जहां केवल 19.31 प्रतिशत पानी बचा है। पूर्वोत्तर का बराक बेसिन का स्तर 20 फीसदी से नीचे बना हुआ है। ब्रह्माणी-बैतरणी, कावेरी और महानदी-पेन्नार के बीच की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Water Crisis: देश के कई बांध सूखे,13 बड़े जलाशयों में पानी आधे से कम; केंद्रीय आयोग की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
केंद्रीय जल आयोग की जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में इस समय कुल 63.232 अरब घन मीटर (बीसीएम) पानी उपलब्ध है। 30 अप्रैल तक इन 166 जलाशयों में 71.082 बीसीएम पानी था, जो कुल क्षमता का 38.72 प्रतिशत था। अब यह घटकर 34.45 प्रतिशत रह गया है। यानी केवल दो हफ्तों में करीब 8 बीसीएम पानी कम हो गया। रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कई जलाशयों में पानी सामान्य स्तर के आधे से भी नीचे पहुंच चुका है। तमिलनाडु के वैगई जलाशय में केवल 12.47 प्रतिशत पानी बचा है, जबकि अलियार में 21.25 प्रतिशत पा