इस आधार पर खारिज हुई याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत ने दिल्ली पुलिस के विरोध पर यह फैसला सुनाया। पुलिस ने कहा कि मां की सर्जरी इमरजेंसी नहीं है और खालिद के चाचा दूर के रिश्तेदार हैं। अदालत ने पुलिस की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि खालिद की बहनें और पिता मां की देखभाल कर सकते हैं। अदालत ने आदेश में कहा, आवेदन में दिए गए कारण उचित नहीं पाए गए, इसलिए आवेदक को वांछित राहत देना उचित नहीं है। आवेदन खारिज किया जाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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