दक्षिण 24 परगना जिले की सीट फलता से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक, फलता से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है। फलता में पुनर्मतदान 21 मई को होना है। ऐसे में उम्मीदवार के हटने अचनाक से नाम वापस लेना एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी को खान के इस निर्णय के बारे में सूचना मिली है। हालांकि, पार्टी को अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले के पीछे क्या कारण है। उन्होंने कहा, हमने सुना है कि जहांगीर खान ने फलता उपचुनाव में चुनाव नहीं लड़ने या भाग नहीं लेने का फैसला किया है।" प्रवक्ता ने आगे कहा कि पार्टी अभी तक उनके नाम वापस लेने के पीछे के कारण से अवगत नहीं है। यह अचानक लिया गया फैसला माना जा रहा है। पार्टी इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य फलता में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि उनका सपना क्षेत्र को “सोनार फलता” के रूप में विकसित देखना था। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा फलता के लिए विशेष विकास पैकेज दिया जा रहा है, जो क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी वजह से उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया। जहांगीर खान के अनुसार, यह फैसला फलता की प्रगति, शांति और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।फलता विधानसभा सीट के लिए वोटिंग हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दो चरणों में से दूसरे चरण में, 29 अप्रैल को हुई थी। उस दिन, फलता से चुना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Falta Re-Election: फलता पुनर्मतदान से पहले टीएमसी को लगा बड़ा झटका; जहांगीर खान ने वापस नामांकन, जानिए वजह
दक्षिण 24 परगना जिले की सीट फलता से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक, फलता से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है। फलता में पुनर्मतदान 21 मई को होना है। ऐसे में उम्मीदवार के हटने अचनाक से नाम वापस लेना एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी को खान के इस निर्णय के बारे में सूचना मिली है। हालांकि, पार्टी को अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले के पीछे