इस गुप्त और अचानक तय हुए दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी स्थिति को रोकना और एक कमजोर युद्धविराम (सीजफायर) को किसी तरह मजबूत करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास ने बयान जारी कर बताया कि मोहसिन नकवी ने राष्ट्रपति भवन में ईरानी राष्ट्रपति के साथ करीब 90 मिनट तक अकेले में बातचीत की। उनका यह पूरा दौरा करीब तीन घंटे तक चला। इस लंबी बातचीत में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस बड़े विवाद का कोई शांतिपूर्ण हल निकाला जाए। भारत के नजरिए से देखा जाए तो इस पूरे क्षेत्र में शांति होना बहुत जरूरी है, क्योंकि मध्य पूर्व की अस्थिरता का सीधा और बड़ा असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।इस खास और महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इराक की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन पड़ोसी देशों ने बहुत ही समझदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया है। इन देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने वाले किसी भी हथियारबंद हमले या साजिश के लिए बिल्कुल नहीं होने दिया। पेजेशकियन ने यह भी कहा कि इस्लामी देशों के बीच यह आपसी एकता क्षेत्रीय शांति के लिए बहुत जरूरी है। इस एकता की वजह से बाहरी ताकतों और इस्राइल जैसे देशों को हमारे मामलों में दखल देने का मौका बहुत कम मिलता है।ईरान के राष्ट्रपति ने हाल के भारी तनाव के दौरान पाकिस्तान की लगातार की गई कूटनीतिक कोशिशों की काफी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का नाम लेकर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि युद्धविराम क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
PAK के मंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति से की मुलाकात: युद्धविराम पर भी हुई चर्चा, 90 मिनट के मुलाकात के क्या मायने?
इस गुप्त और अचानक तय हुए दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी स्थिति को रोकना और एक कमजोर युद्धविराम (सीजफायर) को किसी तरह मजबूत करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास ने बयान जारी कर बताया कि मोहसिन नकवी ने राष्ट्रपति भवन में ईरानी राष्ट्रपति के साथ करीब 90 मिनट तक अकेले में बातचीत की। उनका यह पूरा दौरा करीब तीन घंटे तक चला। इस लंबी बातचीत में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस बड़े विवाद का कोई शांतिपूर्ण हल निकाला जाए। भारत