First the NEET paper leak affecting 22 lakh students. Then CBSE Class 12 students receiving unexpectedly low marks from a broken OSM system - many losing their college eligibility. Now lakhs of CBSE Class 9 students suddenly asked to learn a new language from July 1, with no… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 17, 2026 राहुल गांधी ने तीन अलग-अलग आयु वर्ग के छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों के बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि इन गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।राहुल गांधी के अनुसार, नीट-यूजी परीक्षा में हुए पेपर लीक ने देश के 22 लाख से अधिक छात्रों को प्रभावित किया है। इस बड़ी गड़बड़ी के बाद परीक्षा रद्द होने से छात्रों के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीएसई कक्षा 12वीं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पूरी तरह से दोषपूर्ण रही है। इसके कारण कई होनहार छात्रों को उम्मीद से बहुत कम अंक मिले हैं और वे कॉलेज में दाखिले की पात्रता खो चुके हैं।राहुल गांधी ने कक्षा 9वीं के लाखों छात्रों पर अचानक लागू किए गए तीन-भाषा फॉर्मूले की भी आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि बिना शिक्षकों और बिना नई किताबों के एक जुलाई से यह नियम थोप दिया गया है। 14 साल के बच्चों को विकल्प के तौर पर कक्षा छह की किताबें दी जा रही हैं, जिसे उन्होंने एक बेहद खराब प्रशासनिक व्यवस्था बताया।राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर एक आयु वर्ग के छात्रों को संभालने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर #SackPradhan अभियान का समर्थन करते हुए सरकार की जवाबदेही तय करने की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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