#WATCH | Kachchh, Gujarat: The Marshall Islands-flagged tanker Symi carrying approx 20,000 tonnes of LPG arrives at the Kandla Port. Symi crossed the Strait of Hormuz on May 13. pic.twitter.com/s6GboC1T4V — ANI (@ANI) May 17, 2026 इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने कतर के रास लफ्फान टर्मिनल से लगभग 20,000 टन रसोई गैस खरीदी थी, जिसे लेकर यह जहाज भारत आया है। जहाज पर सवार सभी 21 विदेशी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसेना के कड़े पहरे और अमेरिकी नाकेबंदी के बीच इस जहाज को सुरक्षित निकालना एक बड़ी चुनौती थी।दुश्मन के रडार और निगरानी तंत्र को चकमा देने के लिए जहाज ने बुधवार को युद्ध क्षेत्र से गुजरते समय अपने ‘ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ (AIS) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इस तकनीक की मदद से जहाज रडार की नजरों में आए बिना ईरान के लारक द्वीप के पूर्व में सुरक्षित पहुंचने में कामयाब रहा।इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए भारत सरकार के चार मंत्रालयों ने मिलकर काम किया। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच दिन-रात चले बेहतरीन तालमेल की वजह से ही जहाज को किसी भी गोलाबारी से बचाकर सुरक्षित मार्ग दिया जा सका। मार्च की शुरुआत से अब तक इस रास्ते को पार कर भारत पहुंचने वाला यह 13वां जहाज है। इसके पीछे वियतनाम के ध्वज वाला एक और टैंकर ‘एनवी सनशाइन’ भी आ रहा है, जो न्यू मैंगलोर बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।रसोई गैस की यह खेप भारत के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि युद्ध के कारण देश के ईंधन भंडार में 15 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। भारत का कच्चा तेल भंडार 10.7 करोड़ बैरल से घटकर अब 9.1 करोड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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