और पढ़ें मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने पीटीआई से कहा, अगर सरकार जरूरी सुविधाएं नहीं दे सकती, तो उसे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए और गाय की हत्या और गोमांस निर्यात पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। सरकार ने जारी किए नए नियम पश्चिम बंगाल सरकार ने पिछले हफ्ते नए नियम जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी जानवर की हत्या नहीं की जा सकती। इस सर्टिफिकेट को अधिकारी देंगे। इसमें बैल, सांड, गाय, बछड़े और भैंस की उम्र और उनकी शारीरिक स्थिति की जांच की जाएगी। नियम के अनुसार, केवल वही जानवर काटे जा सकते हैं, जिनकी उम्र 14 साल से अधिक हो या जो चोट, बीमारी, उम्र या किसी गंभीर और असाध्य रोग के कारण स्थायी रूप से अक्षम हों। मौलाना कासमी ने कहा कि सरकार को इसके लिए पहले पूरी व्यवस्था करनी चाहिए। हर जगह बूचड़खाने बनाने चाहिए और हर बाजार में पशु चिकित्सक उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कहा, अगर सरकार यह व्यवस्था नहीं कर सकती, तो उसे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए और पूरे देश में गोहत्या और बूचड़खानों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। ‘हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली चीजों से बचें मुसलमान’ धार्मिक स्थलों में पशु बलि और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के मुद्दे पर कासमी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को उन चीजों से बचना चाहिए, जो दूसरे धर्मों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा, हम अपने मुस्लिम भाइयों से अपील करते हैं, कृपया गाय की कुर्बानी न करें क्योंकि इससे हमारे हिंदू भाइयों की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जगह बकरी की कुर्बानी दी जा सकती है। पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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