NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे। धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए। Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW. pic.twitter.com/6FRMMa8AI8 — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 16, 2026 राहुल गांधी ने यह गंभीर आरोप ऐसे समय में लगाया है जब देश के कोने-कोने से छात्र और उनके अभिभावक चिलचिलाती धूप में सड़कों पर उतर कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता का कहना है कि वर्तमान सरकार ने देश के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों पर अपनी विचारधारा वाले लोगों को काबिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरिट और योग्यता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। जब सिर्फ निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं, तो पूरा सिस्टम खोखला हो जाता है। एनटीए जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं का फेल होना इसी मिलीभगत का परिणाम है। इसी वजह से आज 24 लाख से अधिक होनहार युवाओं के सपनों को चकनाचूर होना पड़ा है।यह विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह पूरा मामला देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर कई याचिकाओं पर लगातार सुनवाई हो रही है। अदालत के आदेश पर ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा एग्जाम कराने का फैसला आ चुका है। इसके बावजूद असली बवाल मूल पेपर लीक को लेकर बना हुआ है। इस बीच देश के कई राज्यों में पुलिस ने पेपर लीक गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि परीक्षा सिस्टम में बहुत बड़ी सेंधमारी हुई थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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