और पढ़ें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा? ट्रंप ने यह बयान ट्रुथ सोशल के जरिये दिया। उन्होंने मीडिया पर ईरान को ‘झूठी उम्मीद’ देने और उसकी ‘मदद करने’ का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, जब फेक न्यूज में कहा जाता है कि ईरान सैन्य रूप से हमारे खिलाफ अच्छा कर रहा है, तो यह लगभग देशद्रोह जैसा है, क्योंकि यह पूरी तरह झूठ और बेतुकी बात है। वे दुश्मन की मदद कर रहे हैं। इससे ईरान को सिर्फ झूठी उम्मीद मिलती है। जबकि ऐसी कोई उम्मीद होनी ही नहीं चाहिए। ये अमेरिकी कायर हैं, जो अपने ही देश के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने दावा किया, ईरान की नौसेना के पास 159 जहाज थे और अब सभी समुद्र में डूब चुके हैं। उन्होंने कहा, ईरान के पास अब नौसेना नहीं है। उसकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उसकी तकनीक खत्म हो चुकी है। उसके नेता अब नहीं रहे और देश आर्थिक तबाही का सामना कर रहा है। सिर्फ हारने वाले, एहसान न मानने वाले और मूर्ख लोग ही अमेरिका के खिलाफ बोल सकते हैं। यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अहम मुलाकात होने जा रही है। चीन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने क्या कहा? इससे पहले चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने फिर दावा किया कि ईरानी सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और अमेरिका यह युद्ध ‘शांति से या किसी भी तरीके से’ जीत जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ईरान के मामले में मदद की उम्मीद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा, नहीं, मुझे नहीं लगता कि हमें ईरान के मामले में किसी मदद की जरूरत है। हम किसी भी तरह जीतेंगे। हम इसे शांति से या किसी और तरीके से जीतेंगे। उनकी नौसेन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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