हाल ही में चीन के सरकारी मीडिया ने खुद इस बात को कबूल किया है कि मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बीजिंग ने पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को इस मामले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन की मदद वाली रिपोर्ट सिर्फ उसी बात को सच साबित करती हैं, जो बात भारत को पहले से ही बहुत अच्छी तरह से पता थी। भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई एक बेहद सटीक और सधी हुई कार्रवाई थी। इसका एकमात्र मकसद पाकिस्तान की जमीन पर चल रहे आतंकवाद के ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करना था।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने चीन का बिना नाम लिए उस पर सीधा और करारा प्रहार किया है। रणधीर जायसवाल ने सख्त लहजे में कहा कि जो देश खुद को बहुत जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्हें खुद इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को बचाने की कोशिश करने वालों का समर्थन करने से उनकी अपनी इज्जत और साख पर कोई असर नहीं पड़ता है? भारत ने दुनिया को यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद को बचाने वालों का साथ देने वाले देशों की नीयत पर हमेशा बड़े सवाल उठते रहेंगे।तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री व्यापार के लिए एक बहुत ही संवेदनशील इलाका बना हुआ है। वहां से जुड़ी एक राहत भरी खबर देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि 11 भारतीय समुद्री जहाज इस खतरनाक रास्ते से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, स्थिति अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि 13 अन्य भारतीय जहाज अब भी उसी क्षेत्र यानी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं और अपनी आगे की सुरक्षित यात्रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
MEA: ऑपरेशन सिंदूर में चीन-पाकिस्तान के गठजोड़ का पर्दाफाश, विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारी जानकारी सच साबित हुई
हाल ही में चीन के सरकारी मीडिया ने खुद इस बात को कबूल किया है कि मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान बीजिंग ने पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को इस मामले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन की मदद वाली रिपोर्ट सिर्फ उसी बात को सच साबित करती हैं, जो बात भारत को पहले से ही बहुत अच्छी तरह से पता थी। भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई एक बेहद सटीक और सधी हुई कार्रवाई थी। इसका एकमात्र मक