एक विशेष साक्षात्कार में इस्माइल बघाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका और इस्राइल की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों देशों ने जो शुरू किया, वह आज भी जारी है। जब उनसे पूछा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत जैसे देश परेशान हैं, तो उन्होंने 28 फरवरी की तारीख याद दिलाई। बघाई के अनुसार, उस दिन से पहले होर्मुज का रास्ता हर देश के लिए खुला और सुरक्षित था।बघाई ने दावा किया कि ईरान ने जो भी कदम उठाए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल ने खाड़ी के अन्य देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया। ईरान का तर्क है कि उसे अपने बचाव में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी ताकि हमलावर इस जलमार्ग का दुरुपयोग न कर सकें। ईरान खुद इस समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक निर्भर है, इसलिए वह भी वहां सुरक्षा चाहता है।दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी और कड़ी कर दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने वैश्विक बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ईरानी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कड़ी नजर रखें। अमेरिका का आरोप है कि ईरान शेल कंपनियों और क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए प्रतिबंधित तेल की तस्करी कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष विराम अब लाइफ सपोर्ट पर है। उन्होंने तेहरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराते हुए इसे एक बड़ी बाधा बताया है।अमेरिकी प्रशासन ने बैंकों से उन कंपनियों की पहचान करने को कहा है जो अचानक भारी लेनदेन कर रही हैं। खासकर मलयेशियाई ब्लेंड के नाम पर बेचे जा रहे ईरानी तेल की निगरानी बढ़ाई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में ईरान से जुड़ी तेल कंपनियों ने करीब 4 अरब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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