कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इन नियुक्तियों को लेकर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 1990 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। अग्रवाल चुनाव के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी तरह सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। गुप्ता ने चुनाव के दौरान स्पेशल रोल ऑब्जर्वर के रूप में काम किया था। जयराम रमेश के अनुसार इन नियुक्तियों से साफ है कि निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाई गई हैं।कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया की शुचिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल चुनाव से पहले लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए। इसमें 27 लाख लोगों को वोट डालने से वंचित रखा गया। कांग्रेस के मुताबिक, यह सब एक रणनीति के तहत किया गया। इसका उद्देश्य भाजपा के लिए चुनावी राह आसान करना था।पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय में दो आईएएस और सात डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के कुछ घंटों बाद ही सेवानिवृत्त आईएएस सुब्रत गुप्ता को उनका सलाहकार नियुक्त कर दिया गया। वहीं शांतनु बाला को मुख्यमंत्री का निजी सचिव बनाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि अब साठगांठ को छिपाने की कोशिश भी नहीं की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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