एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं है। ट्रंप के साथ अमेरिका के बिजनेस और टेक सेक्टर के एक दर्जन से ज्यादा बड़े उद्योगपति भी चीन जा रहे हैं। इस शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे। निवेश क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी से साफ है कि अमेरिका चीन के साथ आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देना चाहता है।सूत्रों का कहना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बातचीत का एजेंडा काफी व्यापक है। इसमें मुख्य रूप से व्यापार, निवेश और टैरिफ जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही टेक्नोलॉजी सहयोग और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर भी महत्वपूर्ण संवाद हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों महाशक्तियों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा और व्यापारिक तनाव काफी बढ़ा है। ऐसे में इस बैठक को रिश्तों की बर्फ पिघलाने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह दौरा अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए नए रास्ते खोल सकता है। अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि इस यात्रा के जरिए ठोस कारोबारी समझौते धरातल पर उतरें। चीन में अमेरिकी निवेश बढ़ाने और सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने पर भी जोर रहेगा। ट्रंप के सकारात्मक रुख ने इस समय पूरी दुनिया के बाजारों और कूटनीतिज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग से मुलाकात पर टिकी निगाहें, व्यापारिक तनाव कम होने की उम्मीद
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं है। ट्रंप के साथ अमेरिका के बिजनेस और टेक सेक्टर के एक दर्जन से ज्यादा बड़े उद्योगपति भी चीन जा रहे हैं। इस शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे। निवेश क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी से साफ है कि अमेरिका चीन के साथ आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देना चाहता है।सूत्रों का कहना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बातचीत का ए